HINDI SAHITYA PRACTICE SET
UGCNET HINDI SAHITYA CLASSES
RPSC ASSISTANT PROFESSOR VACANCY
BPSC HINDI TEACHER 2023
HINDI SAHITYA MCQS
1. 1. जन्मकाल के अनुसार निम्नलिखित कवियों का सही अनुक्रम है –
a. कबीर, नानक, दादू, सुंदरदास
b. नानक, कबीर, सुंदरदास, दादूदयाल
c. कबीर, दादूदयाल, नानक, सुंदरदास
d. नानक, सुंदरदास, कबीर, दादूदयाल
कबीर – 1398, जन्मस्थान – काशी
नानक – 1469, जन्मस्थान – तलवंडी
(लाहौर)
दादूदयाल – 1544, जन्मस्थान
– अहमदाबाद
सुंदरदास – 1596, जन्मस्थान
– राजस्थान
· आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने
किस कवि पर स्वतंत्र रूप से आलोचना नहीं लिखी है – कबीरदास
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने निम्न कवियों पर स्वतंत्र रूप से
आलोचना लिखी –
गोस्वामी तुलसीदास (1923)
जायसी ग्रंथावली (1924)
भ्रमरगीत सार (1925)
· कबीरदास रामानंद की शिष्य परंपरा में आते हैं।
· आचार्य रामचंद्र शुक्ल कबीर की भाषा को सधुक्कड़ी भाषा
कहा है।
· श्यामसुंदर दास ने कबीर की भाषा को पंचमेल खिचड़ी कहा
है।
· हजारी प्रसाद द्विवेदी इन्हें भाषा के मामले में वाणी का
डिक्टेटर कहते हैं।
· बच्चन सिंह कबीर की भाषा को संतभाषा कहते हैं।
· कबीर की वाणी का संग्रह बीजक नाम से प्रसिद्ध है। इसके
तीन भाग हैं – साखी, सबद, रमैनी।
· कबीर परिचई के लेखक
कौन हैं – अनंतदास
· दादूदयाल के संप्रदाय का नाम ब्रह्म संप्रदाय था। इनके
पंथ का उत्तराधिकारी इनके पुत्र गरीबदास तथा मिस्कीनदास थे।
· दादू के दो प्रसिद्ध शिष्य रजज़्ब और सुंदरदास
थे।
· इनकी रचनाएं – हरडे बानी, अंगवधू, काया बोली।
· गुरु नानक की रचनाएं – जपुजी, आसदीबार, रहिरास, सोहिला।
· गुरु नानक जी सिक्ख संप्रदाय के आदि गुरु थे।
2.
निम्नलिखित में से कौन सा मोहन राकेश का नाटक नहीं
है –
a.
लहरों के
राजहंस
b.
आषाढ़ का एक
दिन
c.
आधे अधूरे
d.
अंधायुग
·
मोहन राकेश
के प्रसिद्ध नाटक –
आषाढ़ का एक दिन – 1958 – ऐतिहासिक नाटक
लहरों के राजहंस – 1963 – ऐतिहासिक नाटक
आधे – अधूरे – 1969 – समकालीन जिंदगी का पहला सार्थक हिंदी नाटक
·
आधे-अधूरे
नाटक को ‘मील पत्थर’ भी कहा जा सकता है।
·
लहरों के
राजहंस नाटक की रचना मोहन राकेश ने अश्वघोष के सौरानंद के आधार पर किया।
·
नई कहानी
के प्रवर्तकों में तीन लोगों का नाम आता
है –
राजेन्द्र यादव
मोहन राकेश
कमलेश्वर
·
अंधायुग (1955)
एक काव्य-नाटक है। इसके लेखक धर्मवीर भारती हैं। अंधायुग महाभारत के अवसान के
बाद की स्थिति का चित्रण है।
·
धर्मवीर भारती
की अन्य रचनाएं –
ठंडा लोहा (1952)
अंधा युग (1955)
कनुप्रिया (1959) – राधा और कृष्ण के प्रेम का वर्णन।
सात गीत वर्ष (1959)
देशान्तर – विदेशी कविताओं का संग्रह।
·
धर्मवीर भारती
मूलतः प्रेम के कवि हैं।
·
भारती जी
की कविता ‘प्रेमथ्यु गाथा’ एक लंबी कविता है।
3.
‘भट्टिनी’
किस उपन्यास की नायिका है –
a.
बाणभट्ट की
आत्मकथा
b.
चित्रलेखा
c.
दिव्या
d.
पुर्ननवा
· बाणभट्ट की आत्मकथा (1946) – हजारी प्रसाद द्विवेदी – उदात्त
प्रेम और सम्राट हर्षकालीन व्यवस्थाओं पर केंद्रित।
· चित्रलेखा (1934) –
भगवती चरण वर्मा – पाप और पुण्य के नैतिक प्रश्नों पर आधारित। इस उपन्यास पर फ्रेंच
उपन्यासकार अनातोले के उपन्यास थाया का प्रभाव माना जाता है।
· दिव्या (1945) – यशपाल – ऐतिहासिक कल्पना पर आधारित।
· पुनर्नवा (1973) – हजारीप्रसाद द्विवेदी
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